यदि पति-पत्नी आपसी सहमति से अलग होना चाहते हैं, तो Mutual Consent Divorce (आपसी सहमति से तलाक) सबसे सरल, तेज और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीका है। यह तलाक हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13-B के अंतर्गत दायर किया जाता है। Please see Mutual Consent Divorce Format in Hindi and English PDF, sample of which is available for quick download.
इस लेख में आप जानेंगे:
- Mutual Consent Divorce Format in Hindi
- धारा 13B तलाक याचिका ड्राफ्ट
- First Motion और Second Motion प्रक्रिया
- आपसी सहमति तलाक में समझौता (Compromise Deed) का प्रारूप
- आवश्यक दस्तावेजों की सूची
- कोर्ट फीस और समय अवधि
Mutual Consent Divorce क्या है?
Mutual Consent Divorce वह प्रक्रिया है जिसमें पति और पत्नी दोनों:
- कम से कम 1 वर्ष से अलग रह रहे हों
- साथ रहने की संभावना समाप्त हो
- बिना दबाव के आपसी सहमति से तलाक लेना चाहते हों
तब वे संयुक्त रूप से Family Court में याचिका दायर करते हैं।
धारा 13B के अंतर्गत Mutual Consent Divorce Petition Format (Hindi)
नीचे दिया गया फॉर्मेट अपलोड किए गए PDF के आधार पर तैयार किया गया है:
1️⃣ शीर्षक (Heading)
माननीय प्रधान न्यायाधीश,
परिवार न्यायालय, _________
HMA No. ____ / 2026
पेटीशनर नं. 1 (पत्नी का नाम)
बनाम
पेटीशनर नं. 2 (पति का नाम)
धारा 13-B हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के अंतर्गत
आपसी सहमति से तलाक हेतु याचिका
2️⃣ विवाह का विवरण
- विवाह की तिथि
- विवाह का स्थान
- हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न विवाह
- बच्चे का विवरण (यदि हो)
PDF के पृष्ठ 5-6 के अनुसार विवाह और बच्चे की जानकारी याचिका में स्पष्ट रूप से दी जाती है।
3️⃣ अलग रहने का विवरण
- पति-पत्नी कब से अलग रह रहे हैं
- मतभेद / स्वभाव में असंगति
- पुनर्मिलन की कोई संभावना नहीं
4️⃣ समझौता (Settlement Terms)
PDF के पृष्ठ 6-8 में Settlement Terms विस्तार से दिए गए हैं।
A. Settlement Amount
- एकमुश्त राशि (Full & Final Settlement)
- भरण-पोषण / स्थायी गुजारा भत्ता
B. भुगतान की विधि
- First Motion के समय राशि
- Second Motion के समय शेष राशि
C. Stridhan / Gold / Property
- सभी दावे समाप्त
- यदि कोई सामान शेष है तो Second Motion पर वापसी
D. Child Custody & Expenses
- बच्चे की अभिरक्षा
- शिक्षा खर्च कौन उठाएगा
E. Pending Cases Withdrawal
- सभी सिविल / क्रिमिनल मामले वापस
F. Finality Clause
- भविष्य में कोई दावा नहीं
Mutual Consent Divorce में आवश्यक दस्तावेज
PDF के पृष्ठ 13 में “List of Documents” दिया गया है।
आवश्यक दस्तावेज:
✔ विवाह प्रमाण पत्र / शादी कार्ड
✔ विवाह की फोटो
✔ समझौता पत्र (Compromise Deed)
✔ पति-पत्नी के आधार कार्ड
✔ बच्चे का आधार कार्ड
✔ निवास प्रमाण (बिजली बिल / गैस कनेक्शन)
✔ संयुक्त शपथपत्र
Mutual Consent Divorce Process (Step by Step)
Step 1: First Motion
- संयुक्त याचिका दायर
- दोनों पक्षों के बयान दर्ज
- Settlement Court में रिकॉर्ड
Step 2: Cooling Period
- 6 महीने का समय (कुछ मामलों में माफ हो सकता है)
Step 3: Second Motion
- अंतिम बयान
- कोर्ट द्वारा डिक्री ऑफ डिवोर्स
Mutual Consent Divorce में समय कितना लगता है?
आमतौर पर:
⏳ 6 से 18 महीने
यदि कूलिंग पीरियड माफ हो जाए तो 3 महीने में भी संभव।
Mutual Consent Divorce Fees
- कोर्ट फीस: लगभग ₹10 – ₹50 (राज्य अनुसार)
- वकील फीस: केस की जटिलता पर निर्भर
Compromise Deed Format (Short Sample in Hindi)
यह समझौता पत्र दिनांक ____ को संपन्न हुआ।
पत्नी: ________
पति: ________
1. पति ₹_____ पूर्ण और अंतिम निपटान के रूप में देगा।
2. ₹_____ प्रथम मोशन पर।
3. ₹_____ द्वितीय मोशन पर।
4. बच्चा ______ की अभिरक्षा ______ के पास रहेगी।
5. भविष्य में कोई दावा शेष नहीं रहेगा।
Mutual Consent Divorce से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी बिंदु
- याचिका संयुक्त रूप से दायर होती है
- एकतरफा वापसी Second Motion से पहले संभव
- धोखे या दबाव की स्थिति में याचिका निरस्त हो सकती है
- Settlement स्पष्ट और लिखित होना चाहिए
FAQ – Mutual Consent Divorce in Hindi
Q1. Mutual Consent Divorce क्या है?
पति-पत्नी की आपसी सहमति से धारा 13B के तहत तलाक।
Q2. क्या 6 महीने का कूलिंग पीरियड जरूरी है?
सामान्यतः हाँ, पर कोर्ट माफ कर सकती है।
Q3. क्या बिना वकील तलाक हो सकता है?
कानूनी रूप से संभव, पर सलाहनीय नहीं।
Q4. क्या Settlement जरूरी है?
हाँ, भरण-पोषण और संपत्ति विवाद स्पष्ट होना चाहिए।
Q5. क्या बच्चा होने पर तलाक हो सकता है?
हाँ, पर Custody तय करनी होगी।
Q6. क्या एक पक्ष पीछे हट सकता है?
Second Motion से पहले हाँ।
Q7. क्या NRI भी Mutual Divorce ले सकते हैं?
हाँ, भारतीय कानून के तहत।
Q8. क्या आपसी तलाक में आपराधिक केस वापस लेना जरूरी है?
Settlement के अनुसार।
Q9. Mutual Divorce में कितना खर्च आता है?
राज्य और वकील फीस पर निर्भर।
Q10. क्या तलाक के बाद Maintenance दोबारा मांगी जा सकती है?
यदि Full & Final Settlement हो चुका है तो सामान्यतः नहीं।
निष्कर्ष
Mutual Consent Divorce सबसे सरल, सम्मानजनक और कानूनी रूप से सुरक्षित तरीका है, यदि दोनों पक्ष सहमत हों। सही ड्राफ्टिंग, स्पष्ट Settlement और उचित दस्तावेज इस प्रक्रिया को आसान बनाते हैं।यदि आप Mutual Consent Divorce Format PDF in Hindi या प्रोफेशनल ड्राफ्ट चाहते हैं, तो विशेषज्ञ वकील से संपर्क करना आवश्यक है।
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